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अध्ययन

खनिकों और मिल-मजदूरों का अध्ययन

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टाल्क के खनिकों और मिलरों —वे व्यक्ति जो अपने कार्य के हिस्से के रूप में प्रतिदिन टाल्क के उच्च स्तर से संपर्क में थे, उन पर कई जानपदिक-रोगविज्ञान संबंधी अध्ययन किए गए हैं। इन अध्ययनों में समान रूप से दिखाया गया है कि कॉस्मेटिक टाल्क के उच्च स्तर के संपर्क से मेसोथेलियोमा का खतरा नहीं बढ़ता है।

Johnson & Johnson द्वारा उपयोग की जाने वाली एक इटालियन कॉस्मेटिक टाल्क खदान में खनिकों और मिलरों के जानपदिक-रोगविज्ञान संबंधी अध्ययन ने सिद्ध किया है कि इन श्रमिकों को मेसोथेलियोमा होने का कोई खतरा नहीं है। 1976 और 2017 के बीच प्रकाशित चार अलग-अलग अध्ययनों में एक हजार से अधिक इटालियन कॉस्मेटिक टाल्क के खनिकों और मिलरों का अनुसरण किया गया है। इन श्रमिकों में से किसी को भी मेसोथेलियोमा नहीं हुआ था।

ऑस्ट्रिया, फ्रांस और नॉर्वे में कॉस्मेटिक टाल्क के श्रमिकों के अन्य जानपदिक-रोगविज्ञान संबंधी अध्ययनों ने भी खनिकों और मिलरों में मेसोथेलियोमा का कोई खतरा नहीं दिखाया है। वास्तव में, इन स्थानों में अध्ययन किए गए टाल्क श्रमिकों में से किसी में भी मेसोथेलियोमा विकसित नहीं हुआ।

NIOSH और OSHA ने 1979 में वर्मोंट में टाल्क के खनिकों और मिलरों का एक अध्ययन किया और दर्शाया कि इन खानों और मिलों में काम करने वाले व्यक्तियों में मेसोथेलियोमा नहीं पाया गया। सितम्बर 2019 में, शोधकर्ताओं के एक अलग समूह ने अतिरिक्त 37 वर्षों के लिए वर्मोंट के खनिकों और मिलरों के अनुसरण के बाद, खनिकों और मिलरों पर एक अपडेट प्रकाशित किया। विस्तारित 2019 अध्ययन में मेसोथेलियोमा का एक केस पाया गया; हालांकि, इस व्यक्ति का मृत्यु प्रमाण-पत्र दर्शाता है कि वह ऐस्बेटस के संपर्क में था। वह पांच साल से भी कम समय तक एक टाल्क कार्यकर्ता के रूप में कार्यरत था। 2019 अध्ययन से निष्कर्ष मिला कि वर्मोंट के खनिकों और मिलरों में मेसोथेलियोमा का कोई खतरा नहीं था।

खनिकों और मिल-मजदूरों का अध्ययन

मेसोथेलियोमा के खतरे में कोई बढ़ोतरी नहीं
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खनिक और मिल-मजदूर प्रतिदिन टाल्क के संपर्क में आते हैं
का अध्ययन
40
वर्ष
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